शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार · केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT), चेन्नई
काशी तमिल संगमम 5.0
काशी तमिल संगमम 5.0
திருக்குறள் பயில்வோம் · Thirukkural Payilvom – Thirukkural Abhyas Karen · तिरुक्कुरल अभ्यास करें · Let's Learn Thirukkural
केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT), चेन्नई · शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
अभी आवेदन करें
वापस
तिरुक्कुरल

तिरुक्कुरल अध्ययन साथी

अपनी भाषा में किसी भी विषय के बारे में पूछें (मित्रता, क्रोध, शिक्षा, परिश्रम, सत्य), और अध्ययन साथी तिरुक्कुरल के वे कुरल ढूँढ़ देगा जो उस विषय की बात करते हैं, उनके अनुवाद, तमिल टीका और तमिल में सस्वर पाठ के साथ।

तिरुक्कुरल इसकी चर्चा इस अध्याय में करता है 9. விருந்தோம்பல் · Hospitality

आपके प्रश्न के सबसे निकट के कुरल

तमिल पाठ कंप्यूटर की आवाज़ में पढ़ा जाता है।
  1. உடைமையுள் இன்மை விருந்தோம்பல் ஓம்பாமடமை மடவார்கண் உண்டு.
    Utaimaiyul Inmai Virundhompal Ompaa · Matamai Matavaarkan Untu
    जो न करे आतिथ्य, धनाढ्‌यों में निर्धन।
    माने जाते वे लोग, मूढों से मूढ़ जन॥
    The man of wealth is poor indeed
    Whose folly fails the guest to feed.
    तमिल टीका

    பொருள் உடைய காலத்திலும் இல்லாமையாவது விருந்தோம்பலை இகழும் பேதைமை; அது அறிவுடையாரிடம் இல்லாதது; பேதையரிடம் உள்ளதாம்.

  2. இனைத்துணைத் தென்பதொன் றில்லை விருந்தின்துணைத்துணை வேள்விப் பயன்.
    Inaiththunaith Thenpadhon Rillai Virundhin · Thunaiththunai Velvip Payan
    अतिथि-यज्ञ परिणाम का, ना होता परिमाण।
    अतिथि की महिमा जितनी, उतना ही है मान॥
    Worth of the guest of quality
    Is worth of hospitality.
    तमिल टीका

    விருந்தோம்பலாகிய வேள்வியின் பயன் இன்ன அளவினது என்று சொல்லக்கூடிய அளவினது அன்று; அதற்கு அவ்விருந்தின் தகுதியளவே அளவாகும்.

  3. மோப்பக் குழையும் அனிச்சம் முகந்திரிந்துநோக்கக் குழையும் விருந்து.
    Moppak Kuzhaiyum Anichcham Mukandhirindhu · Nokkak Kuzhaiyum Virundhu
    सूंघा ‘अनिच्च’ कुसुम को, झट वह मुरझा जाय।
    मुँह फेर ताकने से, सूख अतिथि-मुख जाय॥
    Anicham smelt withers: like that
    A wry-faced look withers the guest.
    तमिल टीका

    அனிச்சப்பூவானது நுகர்ந்தபொழுது வாடும். விருந்தினர், உபசரிப்பார் முகம் வேறுபட்டு நோக்க வருந்துவர்.

  4. இருந்தோம்பி இல்வாழ்வ தெல்லாம் விருந்தோம்பிவேளாண்மை செய்தற் பொருட்டு.
    Irundhompi Ilvaazhva Thellaam Virundhompi · Velaanmai Seydhar Poruttu
    धन रक्षण कर जो गृही, निबाहे घर का भार।
    होता उसका धर्म है, करे पाहुन सत्कार॥
    Men set up home, toil and earn
    To tend the guests and do good turn.
    तमिल टीका

    இல்லாளோடு காட்டிற்குச் செல்லாது இல்லத்திலிருந்து வாழும் வாழ்வானது, விருந்தினரைப் பேணி அவருக்கு நன்மை செய்தற்கேயாம்.

  5. வித்தும் இடல்வேண்டும் கொல்லோ விருந்தோம்பிமிச்சில் மிசைவான் புலம்.
    Viththum Italventum Kollo Virundhompi · Michchil Misaivaan Pulam
    अतिथि-भोज उपरांत ही, जो शेषान्न खाय।
    उसके खेत में बीया, तो क्यों बोया जाय॥
    Should his field be sown who first
    Feeds the guests and eats the rest?
    तमिल टीका

    விருந்தினருக்கு உணவளித்துப் பின் எஞ்சியதைத்தான் உண்பானது நிலத்திற்கு வித்திடுதல் வேண்டுமோ? வேண்டா. விருந்தோம்புவானது நிலம் தானே விளையும்.

और कुरल दिखाएँ

स्वयं को परखें

हर कुरल की दूसरी पंक्ति चुनें, फिर उत्तर खोलकर देखें।

  1. इस कुरल की सही दूसरी पंक्ति चुनें।

    “जो न करे आतिथ्य, धनाढ्‌यों में निर्धन। …”

    1. उसके गृह में सहर्ष, कमला करती वास॥
    2. उसके खेत में बीया, तो क्यों बोया जाय॥
    3. अमृत ही क्यों न हो वह, भोग अकेला पाप।
    4. माने जाते वे लोग, मूढों से मूढ़ जन॥
    उत्तर

    D · माने जाते वे लोग, मूढों से मूढ़ जन॥ · कुरल 89

  2. इस कुरल की सही दूसरी पंक्ति चुनें।

    “सूंघा ‘अनिच्च’ कुसुम को, झट वह मुरझा जाय। …”

    1. अमृत ही क्यों न हो वह, भोग अकेला पाप।
    2. रहे जो वही बनेगा, सुर-धाम-अतिथि नेक॥
    3. मुँह फेर ताकने से, सूख अतिथि-मुख जाय॥
    4. होता उसका धर्म है, करे पाहुन सत्कार॥
    उत्तर

    C · मुँह फेर ताकने से, सूख अतिथि-मुख जाय॥ · कुरल 90

  3. इस कुरल की सही दूसरी पंक्ति चुनें।

    “अतिथि-यज्ञ परिणाम का, ना होता परिमाण। …”

    1. अतिथि की महिमा जितनी, उतना ही है मान॥
    2. उसके गृह में सहर्ष, कमला करती वास॥
    3. अतिथि-यज्ञ सुफल खोकर, तब रोना पड़ जाय॥
    4. अमृत ही क्यों न हो वह, भोग अकेला पाप।
    उत्तर

    A · अतिथि की महिमा जितनी, उतना ही है मान॥ · कुरल 87

अभ्यास परीक्षा →

किसी विषय से शुरू करें

अध्ययन साथी आपके शब्दों का मिलान पोर्टल के अपने तिरुक्कुरल अनुवादों और टीकाओं से करता है। यह अपनी ओर से कोई पाठ नहीं लिखता, और आपका प्रश्न पोर्टल पर ही रहता है। इसका उपयोग निःशुल्क है, सभी 23 भाषाओं में।

अनुवाद © केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान, चेन्नई · CC BY 4.0

पहल Government of India शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
कार्यान्वयन केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT), चेन्नई